Saturday, January 17, 2015

वो चाँद का रहने वाला



चिताओं के लिए लकड़ियाँ बटोरते हुए

मैंने सुने हैं उसके गीत...

सभ्यताओं द्वारा निषिद्ध 

उस काली ज़िल्द वाली किताब 

के अंदर


देवताओं द्वारा श्रापित

जो घना जंगल है,

हर शाम


सबसे छुपकर

वहाँ उतर आता है

वो चाँद का रहने वाला...

तुम्हे यकीन तो नही होगा

लेकिन मैंने

सलीब पर टंगे

अपने कितने ही मुर्दा जिस्मों में

हरकत होते देखी है उस वक़्त...

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