ये जो खूंटी पर टंगे हैं बेलिबास चेहरे
नोंचकर अलग कर दो मुझे उनसे
अलमारी में पड़े सारे बासी जिस्म जला दो और
चुन लो राख से मेरे सिवा बाकी सब कुछ
जानती हो
वो जो कहना है मुझे तुमसे
शायद कह पाऊंगा..कि
वो जो नहीं हो गया है मेरा होना मुझमे
जब बुझ जायेगा सारा का सारा
तुम्हारे होने के पूरे विस्तार में
वो जो कहना है मुझे तुमसे
सिर्फ प्यार नहीं, वो
तुम्हारा होना है मुझमे..
अस्तित्व के इक पूरे नहीं में
इक नहीं का
पूरा अस्तित्व हो जाना है....
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