लोग जब
वीरानियां लिए जिस्मों से लौटते हैं
वीरानियां लिए जिस्मों से लौटते हैं
और किताबों में प्रेम ढूंढते हैं..
वो
जाने किन पगडंडियों से गुज़रकर
वहां हरे जंगल बो देता है...
सुना है
जब सबने अपनी आँखों में
ऊँची इमारतों
और जगमगाते बाजारों वाले
शहर बसा लिए थे..
उसने अपने भीतर
इक नीम का पेड़ बचा रखा था...
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